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श्री बजरंग सेना बहुत ही जल्द 150000 सदस्य पुरे कर लेगी।

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श्री बजरंग सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन है?


हितेश विश्वकर्मा श्री बजरंग सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष (Chief/National President) के रूप में कार्यरत हैं।



श्री बजरंग सेना एक राष्ट्रवादी एवं धार्मिक संगठन है जिसकी स्थापना 6 अप्रैल 2019 को गुजरात के सूरत में हुई थी। यह संगठन धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा एवं जागरूकता के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

श्री बजरंग सेना के मुख्य उद्देश्य:

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    धर्म रक्षा एवं प्रचार – सनातन धर्म की परंपराओं, मान्यताओं और संस्कारों की रक्षा करना और उन्हें समाज में पुनः स्थापित करना।

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    राष्ट्र रक्षा – राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा हेतु जनजागृति फैलाना और समाज में देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना।

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    गौ रक्षा एवं राष्ट्रीय पशु की मान्यता – गाय माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए संकल्पबद्ध होना, साथ ही गौशालाओं का निर्माण एवं उनके संचालन का कार्य करना।

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    मठ, मंदिर और संतों की सेवा – भारत के धार्मिक स्थलों, संतों और साधुओं की रक्षा एवं सेवा करना।

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    भारतीय संस्कृति का प्रचार – पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति, योग, वेद, आयुर्वेद और संस्कारों का प्रचार-प्रसार करना।

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    हिंदुत्व का विस्तार – जातिवाद और संप्रदाय से ऊपर उठकर सम्पूर्ण समाज में हिन्दू एकता और हिन्दुत्व की भावना को गाँव-गाँव तक पहुँचाना।

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    संस्कृत शिक्षा का प्रसार – संस्कृत पाठशालाओं और विद्यालयों की स्थापना कर संस्कृत एवं भारतीय ज्ञान परंपरा को जीवंत बनाए रखना।

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    धार्मिक आयोजनों के माध्यम से जन-जागरण – नियमित रूप से धार्मिक आयोजनों, कीर्तन, सत्संग और धर्म सभाओं के माध्यम से समाज को संगठित व जागरूक रखना।


    हितेश विश्वकर्मा, श्री बजरंग सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष (Chief/National President) के रूप में कार्यरत हैं। वे एक सक्रिय हिंदुत्व समर्थक, समाजसेवी और युवा उद्यमी हैं, जिन्होंने न केवल संगठनात्मक नेतृत्व संभाला है, बल्कि देश के कई हिस्सों में अपनी विचारधारा के प्रचार-प्रसार में अहम भूमिका निभाई है।
    \r\nविशेष रूप से उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य भारत में उन्होंने ‘जन-संपर्क यात्राओं’ का आयोजन कर सामाजिक और धार्मिक चेतना फैलाने का कार्य किया है।

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